रोड रोलर क्या होता है और किस काम आता है
रोड रोलर वह मशीन है जो अपने भारी ड्रम और कंपन से मिट्टी, गिट्टी और डामर की परत को दबाकर सख़्त करती है। इसी दबाव से सड़क पर गड्ढे और दरारें देर से आती हैं। अंग्रेज़ी में इसे कंपैक्टर कहते हैं, दोनों नाम एक ही मशीन के हैं, और कुछ लोग इसे रोलर मशीन भी बोलते हैं।
सड़क, हाईवे, ग्रामीण सड़क योजना के काम, नगर पालिका की गलियाँ, रेलवे की मिट्टी भराई, बाँध, हवाई पट्टी और बड़े प्लॉट की लेवलिंग, जहाँ भी ज़मीन दबानी है, वहाँ रोलर चाहिए। JCB, L&T, Escorts, Dynapac, HAMM, CASE, Volvo, SANY और XCMG भारत में इसके मुख्य ब्रांड हैं।
रोलर कितने प्रकार के होते हैं
सोइल कंपैक्टर (सिंगल ड्रम): आगे एक बड़ा लोहे का ड्रम, पीछे रबर के टायर। 10 से 13 टन। सड़क की नींव, मिट्टी, GSB और WMM की परत, दबाने के लिए। सड़क ठेकेदार की पहली मशीन यही होती है। चिकनी मिट्टी के लिए ड्रम पर उभरे टुकड़ों वाला पैडफुट वेरिएंट आता है।
टैंडम रोलर (डबल ड्रम): आगे-पीछे दोनों लोहे के ड्रम। 9 से 10 टन। डामर की परत को समतल और चिकना करने के लिए, यानी सड़क की ऊपरी परत पर। हाईवे और शहर की सड़क पर सोइल कंपैक्टर के बाद यही मशीन आती है।
बेबी रोलर या मिनी रोलर: 1.5 से 3.5 टन का छोटा टैंडम रोलर। फुटपाथ, गली, पैचवर्क, खाई की भराई और ग्रामीण सड़क के छोटे हिस्से के लिए। छोटे ठेकेदार और नगर पालिका के काम में सबसे ज़्यादा।
न्यूमैटिक टायर रोलर: ड्रम की जगह रबर के कई टायर, 24 से 27 टन। डामर को गूँथकर उसकी सतह बंद करता है; हाईवे पर टैंडम रोलर के साथ चलता है।
टन और प्रकार के हिसाब से कीमत
| रोलर का प्रकार |
वज़न |
किस काम के लिए |
सांकेतिक कीमत (सितंबर 2026) |
| बेबी / मिनी रोलर |
1.5–3.5 टन |
गली, फुटपाथ, पैचवर्क, ग्रामीण सड़क |
₹12–20 लाख |
| सोइल कंपैक्टर (सिंगल ड्रम) |
10–13 टन |
सड़क की नींव, मिट्टी-गिट्टी की परत |
₹30–40 लाख |
| टैंडम रोलर (डबल ड्रम) |
9–10 टन |
डामर की ऊपरी परत |
₹32–44 लाख |
| न्यूमैटिक टायर रोलर |
24–27 टन |
हाईवे पर डामर की सतह बंद करना |
₹25–40 लाख |
सोइल कंपैक्टर में Escorts और L&T ₹30–32 लाख से शुरू होते हैं, HAMM ₹35–37 लाख, JCB ₹36–38 लाख और Volvo ₹38–40 लाख पर है। टैंडम में ACE, Escorts और L&T ₹32–37 लाख के बीच हैं और Volvo DD90 ₹42–44 लाख पर। ब्रांड के साथ कीमत का यह फर्क ज़्यादातर इंजन, ड्रम की बनावट और सर्विस नेटवर्क का है।
सबसे ज़्यादा खोजे जाने वाले मॉडल
| मॉडल |
ब्रांड |
प्रकार और वज़न |
सांकेतिक कीमत (सितंबर 2026) |
| JCB VM117 |
JCB |
सोइल कंपैक्टर, 11.5 टन |
₹36–38 लाख |
| L&T 1190 |
L&T |
सोइल कंपैक्टर, 11 टन |
₹30–32 लाख |
| CASE 952NX |
CASE |
टैंडम रोलर, 9.2 टन |
₹32–34 लाख |
| JCB VMT330 |
JCB |
बेबी रोलर, 3.3 टन |
₹15–20 लाख |
| Dynapac CC125 CEV-V |
Dynapac |
बेबी रोलर, 2.8 टन |
₹14–17 लाख |
पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और तुलना अंग्रेज़ी में यहाँ देखें: रोड रोलर और कंपैक्टर के सभी मॉडल और कीमत।
खरीदने से पहले क्या देखें
सबसे पहले यह देखिए कि आपका ज़्यादातर काम नींव का है या डामर का। मिट्टी और गिट्टी की परत के लिए सोइल कंपैक्टर, डामर की ऊपरी परत के लिए टैंडम रोलर, एक मशीन से दोनों काम ठीक से नहीं होते। छोटी गलियों और पैचवर्क के लिए बेबी रोलर काफ़ी है; वहाँ 11 टन की मशीन घूम ही नहीं पाती।
फिर मशीन के कागज़ में दबाने की ताकत (सेंट्रिफ्यूगल फोर्स), ड्रम की चौड़ाई और कंपन के दो स्तर हैं या नहीं, यह देखिए। डामर के काम के लिए पानी की टंकी और स्प्रिंकलर ज़रूरी है, वरना डामर ड्रम से चिपकता है। मॉडल के नाम में CEV-V लिखा हो तो इंजन नए उत्सर्जन नियम वाला है। ऊपर दी कीमतें एक्स-फैक्ट्री सांकेतिक हैं; रोलर सड़क पर खुद चलकर जाता है, इसलिए ऑन-रोड कीमत में रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और ढुलाई जुड़ते हैं और टैक्स लागू होता है। अपने ज़िले में सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की पहुँच ज़रूर देखें, सड़क के काम में रोलर रुका तो पूरी टीम रुकती है।
फाइनेंस और ईएमआई
रोलर ज़्यादातर फाइनेंस पर ही खरीदा जाता है। बैंक और NBFC मशीन की कीमत का बड़ा हिस्सा फाइनेंस करते हैं, अवधि आमतौर पर 36 से 60 महीने रहती है, और ब्याज दर आपके प्रोफ़ाइल और डाउन पेमेंट पर तय होती है। सरकारी सड़क ठेके में भुगतान बिल पास होने पर आता है, इसलिए ईएमआई की तारीख उसी हिसाब से रखिए। फाइनेंस विकल्प देखें। दूसरी मशीनों की हिंदी कीमत गाइड यहाँ हैं।
आम सवाल
रोड रोलर कितने का आता है?
भारत में रोड रोलर की कीमत ₹12 लाख से ₹44 लाख तक है। 1.5–3.5 टन का बेबी रोलर ₹12–20 लाख, 10–13 टन का सोइल कंपैक्टर ₹30–40 लाख और 9–10 टन का टैंडम रोलर ₹32–44 लाख में आता है। असली कीमत वेरिएंट, राज्य और उस समय की स्कीम पर बदलती है।
कंपैक्टर क्या होता है और हिंदी में इसे क्या कहते हैं?
कंपैक्टर वही मशीन है जिसे हिंदी में रोड रोलर या रोलर मशीन कहते हैं, यह ड्रम के वज़न और कंपन से मिट्टी, गिट्टी या डामर को दबाकर ठोस करती है। नाम अंग्रेज़ी के “कॉम्पैक्ट”, यानी दबाकर ठोस करना, से आया है।
रोलर कितने प्रकार के होते हैं?
चार मुख्य प्रकार हैं: सोइल कंपैक्टर (सिंगल ड्रम, नींव के लिए), टैंडम रोलर (डबल ड्रम, डामर के लिए), बेबी या मिनी रोलर (छोटा टैंडम, गली और पैचवर्क के लिए) और न्यूमैटिक टायर रोलर (हाईवे पर डामर की सतह बंद करने के लिए)।
सड़क बनाने के लिए कौन सा रोलर सबसे अच्छा है?
पूरी सड़क के लिए दो मशीनें चाहिए, नींव और मिट्टी-गिट्टी की परत के लिए 10–11 टन का सोइल कंपैक्टर, और डामर की ऊपरी परत के लिए 9–10 टन का टैंडम रोलर। सिर्फ़ गाँव की छोटी सड़क या गली बनानी है तो 3 टन का बेबी रोलर काम चला देता है। हाईवे पर इनके साथ न्यूमैटिक टायर रोलर भी चलता है।
बेबी रोलर की कीमत कितनी है?
1.5 से 3.5 टन के बेबी या मिनी रोलर की कीमत ₹12 लाख से ₹20 लाख के बीच है, जैसे JCB VMT330 ₹15–20 लाख और Dynapac CC125 CEV-V ₹14–17 लाख में। यह फुटपाथ, गली, पैचवर्क और खाई की भराई के लिए सही है।
रोड रोलर का वज़न कितना होता है?
बेबी रोलर 1.5 से 3.5 टन का, टैंडम रोलर 9 से 10 टन का, सोइल कंपैक्टर 10 से 13 टन का और न्यूमैटिक टायर रोलर 24 से 27 टन का होता है। जितना भारी ड्रम, उतनी गहरी परत एक बार में दबती है।
रोड रोलर की ईएमआई कितनी बनती है?
ईएमआई मशीन की कीमत, डाउन पेमेंट, अवधि और आपके प्रोफ़ाइल पर तय होती है, इसलिए एक आँकड़ा सबके लिए नहीं बनता। 36 से 60 महीने की अवधि पर बैंक और NBFC से कोटेशन लेकर उसे अपने महीने के काम से मिलाकर देखिए।
कीमतें सांकेतिक हैं और वेरिएंट, राज्य, टैक्स और तारीख के साथ बदलती हैं। खरीदने से पहले अंतिम कोटेशन हमारी टीम से पक्का कर लें। आखिरी अपडेट: सितंबर 2026.