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जेसीबी कैसे चलाते हैं: लीवर, गियर और सीखने का सही तरीका

जेसीबी यानी बैकहो लोडर चलाने का मतलब है तीन अलग काम सीखना: स्टीयरिंग, शटल लीवर और गियर से मशीन को चलाना, आगे के लोडर लीवर से माल उठाना, और सीट पीछे घुमाकर दो लीवरों से खुदाई करना। खुदाई से पहले मशीन को आगे की बकेट और पीछे के दोनों स्टेबलाइज़र पर टिकाया जाता है, वरना मशीन हिलती है और गड्ढा टेढ़ा बनता है।

पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और तुलना अंग्रेज़ी में: View the full range in English

जेसीबी मशीन के आगे और पीछे क्या लगा होता है

आगे चौड़ी लोडर बकेट है, जो मिट्टी, गिट्टी या मलबा उठाकर ट्रॉली या डंपर में भरती है। पीछे बूम, डिपर (आर्म) और छोटी खुदाई वाली बकेट है। पीछे ही दोनों तरफ़ एक-एक स्टेबलाइज़र है, यानी लोहे का पैर जो खुदाई के समय ज़मीन पर दबकर मशीन को थामता है। कैबिन की सीट घूमती है: आगे मुँह करके मशीन चलाते हैं, पीछे घुमाकर खुदाई करते हैं।

नाप का अंदाज़ा JCB 3DX से लगाइए। कैटलॉग के हिसाब से इसका वज़न 7,200 kg है, आगे की बकेट 1.0 m³ और पीछे की 0.26 m³ की है, और यह 4,770 mm (लगभग 15.6 फुट) गहरा खोद सकती है।

जेसीबी में कौन-कौन से कंट्रोल होते हैं

आगे मुँह करके बैठने पर स्टीयरिंग, एक्सीलरेटर, ब्रेक, पार्किंग ब्रेक और दो लीवर मिलते हैं। शटल लीवर स्टीयरिंग के पास रहता है और सिर्फ दिशा बदलता है: आगे, न्यूट्रल, पीछे। गियर लीवर रफ़्तार तय करता है। JCB 4DX में गियर बदलने के लिए स्टीयरिंग कॉलम पर घूमने वाला स्विच दिया गया है।

कई मशीनों में ब्रेक के दो पैडल होते हैं, हर पिछले पहिये के लिए एक। Tata Hitachi Shinrai Prime के कैटलॉग में ये अलग पैडल तंग जगह में बेहतर कंट्रोल के लिए बताए गए हैं, क्योंकि एक तरफ़ का ब्रेक दबाने पर मशीन छोटे घेरे में मुड़ जाती है। सड़क पर यही ख़तरा है: तेज़ रफ़्तार में एक पहिया रुका तो मशीन झटके से घूमती है, इसलिए सड़क पर दोनों पैडल जोड़ने वाला लॉक लगाइए।

लोडर का एक ही लीवर होता है, आमतौर पर दाएँ हाथ की तरफ़। आगे धकेलने पर लोडर की भुजाएँ नीचे आती हैं, पीछे खींचने पर ऊपर जाती हैं। बाएँ करने पर बकेट मुड़कर माल पकड़ती है, दाएँ करने पर खाली होती है। नई मशीन पर पहले खाली बकेट से आज़मा लीजिए।

सीट पीछे घुमाने पर दो मुख्य लीवर या जॉयस्टिक सामने आते हैं, और उनके पास दोनों स्टेबलाइज़र के अलग लीवर। मुख्य लीवरों के दो पैटर्न चलते हैं। बैकहो पैटर्न में बायाँ लीवर बूम को ऊपर-नीचे करता है और दाएँ-बाएँ घुमाता है, दायाँ लीवर डिपर और बकेट चलाता है। पोकलेन वाले पैटर्न में बायाँ लीवर डिपर और घुमाव संभालता है, दायाँ बूम और बकेट। नई मशीन किस पैटर्न पर सेट है, यह काम शुरू करने से पहले पक्का कीजिए, वरना पहली ही चाल में बूम उल्टी तरफ़ जाता है।

जेसीबी में कितने गियर होते हैं

आम बैकहो लोडरों में 4 गियर वाला गियरबॉक्स होता है और दिशा शटल लीवर से बदलती है, यानी वही गियर आगे और पीछे दोनों तरफ़ लगते हैं। JCB 3DX के कैटलॉग में 4-स्पीड सिंक्रोमेश गियरबॉक्स लिखा है, साथ में टॉर्क कन्वर्टर और बिजली से चलने वाला शटल। टॉर्क कन्वर्टर ताकत तेल के ज़रिये आगे भेजता है, इसलिए ढेर में बकेट घुसाते समय इंजन बंद नहीं पड़ता।

गियर के हिसाब से रफ़्तार (कैटलॉग से, km/h)
गियर JCB 3DX, आगे Tata Hitachi Shinrai Prime, आगे पीछे की ओर (दोनों मॉडल)
पहला 5 5 इस्तेमाल लायक
दूसरा 8 8 इस्तेमाल लायक
तीसरा 17 17 सलाह नहीं
चौथा 32.3 32 सलाह नहीं

रफ़्तार से ही साफ़ है कि पहला और दूसरा गियर साइट के लिए है, तीसरा-चौथा सड़क के लिए। ढेर से बकेट भरते समय पहला गियर रखिए, और रिवर्स में दूसरे गियर से ऊपर मत जाइए।

जेसीबी से खुदाई कैसे करते हैं

  1. मशीन समतल जगह पर रोकिए, शटल लीवर न्यूट्रल में डालिए और पार्किंग ब्रेक लगाइए।
  2. आगे की बकेट सीधी करके ज़मीन पर टिका दीजिए।
  3. सीट पीछे घुमाइए और दोनों स्टेबलाइज़र तब तक नीचे कीजिए, जब तक पिछले टायरों का भार उन पर न आ जाए। ज़मीन ढलवाँ हो तो नीचे वाली तरफ़ का स्टेबलाइज़र ज़्यादा दबाकर मशीन सीधी कीजिए।
  4. सड़क के लिए लगाया गया बूम का लॉक खोलिए।
  5. बकेट के दाँत ज़मीन पर रखिए, डिपर अपनी ओर खींचते हुए बकेट मोड़िए, भरी बकेट उठाकर घुमाइए और ढेर पर खाली कीजिए। मिट्टी गड्ढे के किनारे से थोड़ा हटाकर डालिए, ताकि किनारा न धँसे।

आगे खिसकना हो तो उल्टा क्रम: पहले बकेट ऊपर, फिर स्टेबलाइज़र ऊपर, तब गियर। स्टेबलाइज़र दबे रहते मशीन खींचना नए ऑपरेटर की आम गलती है, जिससे स्टेबलाइज़र और उसके पिन पर बेवजह ज़ोर पड़ता है।

जेसीबी चलाना कैसे सीखें

शुरुआत खुदाई से मत कीजिए। पहले खाली मैदान में चलाना, मोड़ना और शटल से आगे-पीछे करना। फिर लोडर से ढीली मिट्टी का ढेर बनाना। फिर मशीन को स्टेबलाइज़र पर टिकाकर बैकहो के लीवर हवा में चलाना। हाथ बैठ जाए, तब नरम मिट्टी में छोटी नाली।

सबसे तेज़ रास्ता किसी अनुभवी ऑपरेटर के बगल में बैठकर सीखना है, और मशीन खरीदते समय डीलर से ऑपरेटर ट्रेनिंग के बारे में ज़रूर पूछिए। सड़क पर मशीन ले जानी हो तो ड्राइविंग लाइसेंस भी चाहिए; कौन सी क्लास लगेगी, यह जेसीबी और एक्सकेवेटर के लाइसेंस वाले पेज पर है।

सड़क पर ले जाने से पहले और रोज़ की जाँच

सड़क पर निकलने से पहले दोनों स्टेबलाइज़र पूरे ऊपर कीजिए, बूम मोड़कर उसका लॉक लगाइए, दोनों ब्रेक पैडल जोड़िए, और आगे की बकेट खाली करके बस इतनी ऊपर रखिए कि सामने का रास्ता दिखे।

रोज़ सुबह इंजन ऑयल, कूलेंट और हाइड्रोलिक तेल का लेवल देखिए। मशीन के नीचे तेल की बूँदें किसी पाइप या सिलेंडर के रिसाव का पहला इशारा हैं। टायरों की हवा और कट देखिए, और बूम, डिपर व बकेट के जोड़ों पर ग्रीस डालिए, क्योंकि सबसे ज़्यादा घिसाई वहीं होती है। चाबी हमेशा न्यूट्रल और पार्किंग ब्रेक लगे होने पर ही घुमाइए।

कीमत और मॉडल के लिए जेसीबी बैकहो लोडर की कीमत और मॉडल पेज देखिए। चेन वाली खुदाई मशीन के कंट्रोल अलग होते हैं, उसके लिए पोकलेन मशीन कैसे चलाते हैं पढ़िए। हाइड्रा के लीवर और लोड चार्ट हाइड्रा क्रेन कैसे चलाते हैं में समझाए गए हैं। सुरक्षा के नियमों के साथ अंग्रेज़ी में पूरा तरीका: how to operate a backhoe loader। पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और कीमत अंग्रेज़ी पेज पर देखें: backhoe loader।

आम सवाल

जेसीबी में कितने गियर होते हैं?

JCB 3DX जैसी आम मशीनों में 4 गियर होते हैं, जो शटल से पीछे भी लगते हैं, पर कैटलॉग पीछे की ओर सिर्फ पहले दो गियर की सलाह देता है।

जेसीबी मशीन कैसे चलती है?

डीज़ल इंजन टॉर्क कन्वर्टर और गियरबॉक्स के रास्ते पहिये घुमाता है; JCB 3DX में पिछले पहिये, 4WD मॉडलों में आगे के भी। साथ ही इंजन हाइड्रोलिक पंप चलाता है, जिसका दबाव वाला तेल लोडर, बूम, डिपर, बकेट, स्टेबलाइज़र और स्टीयरिंग को ताकत देता है। लीवर बस इस तेल का रास्ता खोलते-बंद करते हैं।

स्टेबलाइज़र नीचे किए बिना खुदाई क्यों नहीं करनी चाहिए?

बकेट जितने ज़ोर से ज़मीन खींचती है, उतना ही ज़ोर उल्टा मशीन पर आता है। टायरों पर खड़ी मशीन उछलती है और गड्ढे की लाइन बिगड़ती है; स्टेबलाइज़र यह ज़ोर सीधे ज़मीन पर उतार देते हैं।

जेसीबी चलाने के लिए कौन सा लाइसेंस चाहिए?

अलग से कोई “जेसीबी लाइसेंस” नहीं बनता। सड़क पर चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की वह क्लास चाहिए जो मशीन के रजिस्ट्रेशन और वज़न से तय होती है।

यह जानकारी सांकेतिक है और मॉडल, वेरिएंट, जगह तथा तारीख के साथ बदल सकती है। खरीदने या मशीन चलाने से पहले अपने डीलर या OEM से पक्का कर लें। बाद में बदली हुई जानकारी के आधार पर लिए गए फ़ैसलों के लिए DesiMachines ज़िम्मेदार नहीं है।

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