हाइड्रा मशीन में कौन-कौन से कंट्रोल होते हैं
सीट से दो तरह के कंट्रोल मिलते हैं: मशीन चलाने वाले (स्टीयरिंग, क्लच, गियर लीवर, ब्रेक पैडल, पार्किंग ब्रेक) और क्रेन वाले लीवर। क्रेन का लीवर बस हाइड्रोलिक तेल का रास्ता खोलता-बंद करता है, और वही तेल सिलेंडर या विंच (रस्सी लपेटने वाला ड्रम) चलाता है।
- हुक का लीवर: विंच घुमाकर रस्सी लपेटता या छोड़ता है, यानी हुक ऊपर-नीचे।
- बूम उठाने का लीवर: बूम के नीचे लगे सिलेंडर से बूम का कोण बढ़ाता-घटाता है। इसे डेरिकिंग कहते हैं।
- बूम खोलने का लीवर: बूम के हिस्से एक के अंदर से एक बाहर निकालता है, जिससे बूम लंबा होता है। इसे टेलिस्कोपिंग कहते हैं।
हाइड्रा का बूम अलग से दाएँ-बाएँ नहीं घूमता। वह आगे वाले हिस्से पर लगा है, इसलिए माल बगल में ले जाने के लिए स्टीयरिंग घुमाकर पूरी मशीन बीच के जोड़ से मोड़ी जाती है। लीवर कहाँ है, यह मॉडल के साथ बदलता है, इसलिए पहले दिन कैबिन के निशान और मैनुअल से मिला लीजिए।
ACE 14XW और Escorts HYDRA 14 दोनों 14 टन (14,000 kg) के हैं, फिर भी कैटलॉग में इनके गियर, बूम और पार्किंग ब्रेक अलग हैं।
दो 14 टन हाइड्रा के कंट्रोल (कैटलॉग से)
| चीज़ |
ACE 14XW |
Escorts HYDRA 14 |
| गियर |
6 आगे, 2 पीछे, हाई-लो सेलेक्टर |
8 आगे, 2 पीछे, हाई-लो सेलेक्टर लीवर |
| बीच से मुड़ने का कोण |
55° |
50° तक |
| बिना माल सबसे तेज़ रफ़्तार |
28 km/h |
29 km/h |
| बूम |
3 हिस्से, हाइड्रोलिक से खुलते हैं |
4 हिस्से: 3 हाइड्रोलिक से, चौथा बाहर निकालकर हाथ से पिन |
| हुक की रस्सी |
4 फॉल, 13 mm रस्सी |
6 फॉल, 13 mm रस्सी |
| पार्किंग ब्रेक |
अलग, हाथ से लगने वाला |
हैंड कंट्रोल वाल्व से |
फॉल यानी बूम की नोक और हुक के बीच रस्सी की लाइनें: छह लाइनों में भार छह जगह बँटता है।
हाइड्रा से माल कैसे उठाते हैं
- माल का असली वज़न पता कीजिए; हुक, स्लिंग और चेन का वज़न भी जुड़ता है।
- ज़मीन देखिए। ताज़ा भराई, ढकी हुई नाली या गीली मिट्टी पर एक पहिया धँसा, तो मशीन बगल में पलट जाती है।
- मशीन माल के जितना पास हो सके, ले जाइए और सीधी खड़ी कीजिए। हाइड्रा में आउटरिगर (ज़मीन पर टिकने वाले पैर) नहीं होते, वह टायरों पर ही उठाती है।
- लोड चार्ट में अपने रेडियस और बूम की लंबाई वाला खाना देखिए। बीच का रेडियस हो तो अगला बड़ा रेडियस मानिए।
- जिस बूम में आखिरी हिस्सा हाथ से पिन होता है, उसे काम शुरू करने से पहले सेट कीजिए। उठाते-उठाते उसे नहीं बदला जा सकता।
- माल ज़मीन से बस कुछ इंच उठाइए और रुकिए। मशीन सीधी है, ब्रेक पकड़ रहे हैं और माल ठीक बँधा है, तब आगे बढ़िए।
सबसे आम गलती: मशीन एक जगह खड़ी रखकर पूरा बूम खोल देना। लंबे बूम पर क्षमता बहुत गिर जाती है। पास जाइए, बूम छोटा रखिए।
माल लटकाकर हाइड्रा कैसे चलाते हैं
पिक-एंड-कैरी का मतलब ही है माल उठाकर चलना, पर चलते समय मशीन खड़े-खड़े से काफ़ी कम भार ले सकती है। लोड चार्ट में खड़े और चलते, दोनों के आँकड़े अलग होते हैं।
कैटलॉग में जो रफ़्तार लिखी है, जैसे ACE 14XW की 28 km/h, वह बिना माल की है। माल लटका हो तो पहले गियर में, पैदल चाल से भी धीमे चलिए। जिन हाइड्रा के कैटलॉग में क्रीप स्पीड (सबसे धीमी चाल) दी गई है, वह 0.76 से 1.9 km/h के बीच है। माल ज़मीन के पास रखिए, ऊँचा लटका माल मशीन का संतुलन बिगाड़ता है। मोड़ धीरे लीजिए, क्योंकि ज़्यादातर हाइड्रा उठाते समय नहीं, मुड़ते समय पलटते हैं।
लोड चार्ट और SLI क्यों ज़रूरी हैं
14 टन की हाइड्रा 14 टन सिर्फ़ सबसे छोटे रेडियस पर, बूम पूरा अंदर रखकर उठाती है। रेडियस यानी मशीन से हुक की ज़मीनी दूरी। रेडियस दोगुना करने पर क्षमता आधे से भी नीचे चली जाती है, इसलिए बैज पर लिखा टन कभी फ़ैसला नहीं करता, लोड चार्ट करता है। चार्ट पढ़ने का पूरा तरीका, उदाहरण के साथ, क्रेन लोड चार्ट गाइड में है।
SLI (सेफ लोड इंडिकेटर) हर पल माल के वज़न, बूम के कोण और लंबाई को लोड चार्ट से मिलाता है और सीमा के पास अलार्म बजाकर खतरनाक हरकत रोकता है। निर्माण स्थलों पर BOCW सेंट्रल रूल्स, 1998 का नियम 57 ऐसी क्रेन पर, जिसकी क्षमता बूम का कोण बदलने से बदलती है, अपने-आप चलने वाला सेफ लोड इंडिकेटर माँगता है। ACE 14XW के कैटलॉग में ओवरलोड और ओवर-हॉइस्ट (हुक का बूम से टकराना) के अलार्म लिखे हैं। कौन सी मशीन में क्या लगा है, यह क्रेन के सुरक्षा उपकरण वाले पेज पर है।
हाइड्रा चलाना कैसे सीखें
पहले खाली मशीन से मैदान में चलाना, मोड़ना और गियर बदलना। फिर खाली हुक के साथ तीनों लीवर धीरे-धीरे, ताकि हाथ बैठ जाए। उसके बाद हल्का माल, छोटा रेडियस, समतल ज़मीन। माल लेकर चलना सबसे आख़िर में, किसी अनुभवी ऑपरेटर के साथ।
हाइड्रा और पिक-एंड-कैरी क्रेन ऑपरेटर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट स्किल काउंसिल की अलग राष्ट्रीय योग्यता है (IES/Q0108, NSQF लेवल 4)। निर्माण स्थल के नियमों के मुताबिक 18 साल से कम उम्र का कोई व्यक्ति क्रेन नहीं चला सकता, और ऑपरेटर उसी तरह की मशीन पर प्रशिक्षित होना चाहिए। सड़क पर हाइड्रा ले जानी हो तो गाड़ी की क्लास के हिसाब से ड्राइविंग लाइसेंस अलग से चाहिए; क्रेन की ट्रेनिंग उसकी जगह नहीं लेती।
हाइड्रा की रोज़ की जाँच
- टायरों की हवा: एक नरम टायर हर लिफ्ट का संतुलन बदल देता है।
- हाइड्रोलिक पाइप और सिलेंडर में रिसाव, हुक का सेफ्टी कैच और रस्सी में टूटे तार।
- ब्रेक: हवा वाले ब्रेक हों तो एयर टैंक का पानी निकालिए; हाथ वाला पार्किंग ब्रेक हो तो उसे ढलान पर परखिए।
- SLI चालू करते ही कोई गड़बड़ी का संदेश न दिखे, और स्क्रीन पर बूम का कोण वही हो जो आँख से दिख रहा है।
हाइड्रा की कीमत और मॉडल के लिए हाइड्रा मशीन की कीमत वाला पेज देखिए। बैकहो लोडर के लीवर और गियर जेसीबी कैसे चलाते हैं में समझाए गए हैं। हाइड्रा और फराना का फ़र्क और सुरक्षा के नियम अंग्रेज़ी में: hydra and farana cranes। पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और कीमत अंग्रेज़ी पेज पर देखें: हाइड्रा क्रेन के सभी मॉडल।
आम सवाल
हाइड्रा मशीन कैसे चलती है?
डीज़ल इंजन क्लच और गियरबॉक्स के रास्ते पहिये घुमाता है और साथ में हाइड्रोलिक पंप चलाता है। पंप का दबाव वाला तेल स्टीयरिंग के सिलेंडर, बूम के सिलेंडर और विंच को ताकत देता है। मशीन बीच के जोड़ से मुड़कर स्टीयर करती है।
हाइड्रा में कितने गियर होते हैं?
मॉडल पर निर्भर है। ACE 14XW में 6 आगे और 2 पीछे के गियर हैं, Escorts HYDRA 14 में 8 आगे और 2 पीछे के, और दोनों में हाई-लो सेलेक्टर है।
क्या हाइड्रा माल लटकाकर चल सकती है?
हाँ, यही उसका काम है, पर चलते समय की क्षमता खड़े होकर उठाने से कम होती है। लोड चार्ट का चलने वाला आँकड़ा देखिए, माल नीचे रखिए और बहुत धीमे मुड़िए।
हाइड्रा चलाने के लिए कौन सा लाइसेंस चाहिए?
साइट पर क्रेन चलाने के लिए उसी तरह की मशीन की ट्रेनिंग चाहिए। सड़क पर ले जाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अलग से लगता है।
यह जानकारी सांकेतिक है और मॉडल, वेरिएंट, जगह तथा तारीख के साथ बदल सकती है। खरीदने या मशीन चलाने से पहले अपने डीलर या OEM से पक्का कर लें। बाद में बदली हुई जानकारी के आधार पर लिए गए फ़ैसलों के लिए DesiMachines ज़िम्मेदार नहीं है।