फोर्कलिफ्ट क्या है?
फोर्कलिफ्ट एक छोटी गाड़ी है जिसके आगे दो लंबे लोहे के कांटे लगे होते हैं। इन कांटों से पैलेट पर रखा सामान उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है और ऊँचे रैक पर रखा जाता है।
फोर्कलिफ्ट डीज़ल, गैस या बैटरी से चलती है। बैटरी वाली इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट बंद गोदाम में ज़्यादा चलती है क्योंकि उसमें धुआँ नहीं होता। इलेक्ट्रिक मॉडल की क्षमता और बैटरी की जानकारी अंग्रेज़ी में forklift गाइड पर है।
फोर्कलिफ्ट के मुख्य हिस्से कौन से हैं?
मस्त: आगे लगा खड़ा ढाँचा, जिस पर कांटे ऊपर-नीचे चलते हैं। यह आगे-पीछे झुक भी सकता है।
कांटे और कैरिज: कांटे लोड के नीचे जाते हैं। कैरिज वह पट्टी है जिस पर कांटे टिके होते हैं। इसके ऊपर लगी जाली लोड को पीछे ड्राइवर की तरफ़ गिरने से रोकती है।
काउंटरवेट: पीछे लगा भारी वज़न, जो आगे के लोड का संतुलन बनाता है। इसी वजह से फोर्कलिफ्ट आगे नहीं पलटती।
ओवरहेड गार्ड: ड्राइवर के सिर के ऊपर की लोहे की छत, जो ऊपर से गिरने वाले सामान से बचाती है।
फोर्कलिफ्ट के कंट्रोल कैसे काम करते हैं?
सीट के पास आम तौर पर दो या तीन लीवर होते हैं। पहला लीवर कांटे ऊपर उठाता और नीचे करता है। दूसरा मस्त को आगे या पीछे झुकाता है। कुछ मशीनों में तीसरा लीवर साइड शिफ्ट का होता है, जो कांटों को बिना गाड़ी हिलाए दाएँ-बाएँ खिसकाता है।
पैरों के पास एक्सीलेरेटर और ब्रेक होते हैं। कई फोर्कलिफ्ट में इंचिंग पैडल भी होता है, जिससे गाड़ी बहुत धीरे सरकती है पर कांटे तेज़ी से उठते हैं।
एक बात नए ड्राइवर को सबसे पहले समझनी चाहिए: फोर्कलिफ्ट पीछे के पहियों से मुड़ती है। इसलिए मोड़ते समय गाड़ी का पिछला हिस्सा बाहर की तरफ़ घूमता है। पास खड़े आदमी या दीवार का ध्यान रखें।
फोर्कलिफ्ट से लोड कैसे उठाते हैं?
पहले क्षमता प्लेट पढ़ें। हर फोर्कलिफ्ट पर एक प्लेट लगी होती है, जिस पर लिखा होता है कि वह कितना वज़न उठा सकती है और किस लोड सेंटर पर। लोड सेंटर का मतलब है कांटे की सामने वाली सतह से लोड के बीच के हिस्से तक की दूरी। लोड लंबा हो और उसका वज़न आगे की तरफ़ हो, तो मशीन प्लेट पर लिखे वज़न से कम ही सुरक्षित उठा पाती है। प्लेट से ज़्यादा वज़न कभी न उठाएँ।
अब लोड उठाने का तरीका:
- पैलेट के सामने सीधे आएँ, तिरछे नहीं।
- कांटों को सीधा (लेवल) करें और पैलेट के छेद की ऊँचाई पर लाएँ। दोनों कांटों के बीच की दूरी पैलेट के हिसाब से रखें।
- धीरे आगे बढ़कर कांटे पैलेट के नीचे पूरे अंदर तक घुसाएँ। कम से कम लोड की दो-तिहाई लंबाई तक कांटे होने चाहिए।
- लोड को थोड़ा सा उठाएँ और मस्त को धीरे से पीछे झुकाएँ, ताकि लोड टिक जाए।
- पीछे हटें, फिर लोड को ज़मीन के पास नीचे लाकर ही चलें।
लोड रैक या ज़मीन पर कैसे रखते हैं?
जगह के पास पहुँचकर रुकें। रैक से करीब 20 से 30 सेंटीमीटर दूर रहते हुए लोड को सही ऊँचाई तक उठाएँ। फिर धीरे आगे बढ़ें, मस्त को सीधा करें और लोड नीचे टिकाएँ। कांटे ढीले होने पर सीधे पीछे निकालें। ऊँचाई पर लोड उठाए हुए कभी गाड़ी न मोड़ें और न तेज़ चलाएँ।
चलाते समय सुरक्षा के कौन से नियम मानें?
लोड हमेशा नीचे रखकर चलें, ऊँचा उठाकर नहीं। ऊँचा लोड गाड़ी का संतुलन बिगाड़ता है और मोड़ पर फोर्कलिफ्ट पलट सकती है। लोड इतना बड़ा हो कि आगे दिखाई न दे, तो गाड़ी उल्टी (रिवर्स) चलाएँ और पीछे देखें, या किसी साथी को रास्ता दिखाने को कहें।
ढलान का नियम सबसे ज़रूरी है। लोड भरा हो तो कांटे हमेशा ढलान के ऊपर की तरफ़ रहें: चढ़ते समय आगे चलें, उतरते समय रिवर्स में। खाली गाड़ी में उल्टा: कांटे नीचे की तरफ़। ढलान पर कभी न मुड़ें। यही नियम अमेरिका की कार्यस्थल सुरक्षा एजेंसी (ओशा) की फोर्कलिफ्ट गाइड में भी है।
मोड़ और गोदाम के गलियारों के कोने पर गति कम करें और हॉर्न बजाएँ। गाड़ी पर किसी को सवारी न कराएँ, और उठे हुए कांटों के नीचे किसी को खड़ा न होने दें।
गाड़ी छोड़ते समय कांटे पूरे नीचे करें, लीवर न्यूट्रल पर रखें, हैंड ब्रेक लगाएँ और इंजन बंद करके चाबी निकाल लें।
काम शुरू करने से पहले रोज़ क्या जाँचें?
टायर, कांटों में दरार या टेढ़ापन, मस्त की चेन, हाइड्रोलिक ऑयल का रिसाव, ब्रेक, हॉर्न और सीट बेल्ट। डीज़ल वाली मशीन में इंजन ऑयल और पानी, बैटरी वाली में बैटरी का चार्ज। कुछ भी खराब मिले तो गाड़ी न चलाएँ, पहले ठीक कराएँ।
फोर्कलिफ्ट चलाने से पहले सही ट्रेनिंग लें। मशीन चलाने के लाइसेंस और ट्रेनिंग की बात एक्सकेवेटर लाइसेंस वाले पेज पर समझाई है। दूसरी मशीनें चलाने के तरीके के लिए रोड रोलर कैसे चलाते हैं और हाइड्रा क्रेन कैसे चलाते हैं पढ़ें।
निर्माण साइट पर फोर्कलिफ्ट की जगह कौन सी मशीन चलती है?
आम फोर्कलिफ्ट पक्के और समतल फ़र्श के लिए बनी है। कच्ची, ऊबड़-खाबड़ साइट पर ईंट, सीमेंट और सरिये के पैलेट उठाने के लिए अक्सर टेलीहैंडलर लगाया जाता है, जिसमें कांटे एक लंबे बूम पर लगे होते हैं। गोदाम में छोटे काम के लिए हाथ या बैटरी से चलने वाले पैलेट ट्रक और स्टैकर भी आते हैं। सामान ढोने वाली मशीनों की पूरी जानकारी मटेरियल हैंडलिंग पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फोर्कलिफ्ट पीछे के पहियों से क्यों मुड़ती है?
आगे के पहियों पर लोड का पूरा वज़न होता है, इसलिए मोड़ने का काम पीछे के पहिये करते हैं। इससे गाड़ी कम जगह में घूम जाती है, पर पिछला हिस्सा बाहर की तरफ़ घूमता है।
चलते समय कांटे कितने ऊँचे रखें?
ज़मीन के पास, बस इतने ऊपर कि रास्ते की ऊँच-नीच से न टकराएँ, और मस्त थोड़ा पीछे झुका रहे। लोड ऊँचा उठाकर कभी न चलें, इससे मोड़ पर गाड़ी पलट सकती है।
क्या फोर्कलिफ्ट ढलान पर चल सकती है?
हाँ, पर नियम से। भरा लोड हो तो कांटे ढलान के ऊपर की तरफ़ रखें, खाली हो तो नीचे की तरफ़। ढलान पर कभी न मुड़ें और न रुककर लोड उठाएँ।
यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। हर मशीन के कंट्रोल और क्षमता अलग होती है, इसलिए अपनी मशीन की ऑपरेटर मैनुअल और प्रशिक्षित ट्रेनर की बात को सबसे ऊपर रखें। इस जानकारी के आधार पर लिए गए फ़ैसलों के लिए DesiMachines ज़िम्मेदार नहीं है।