जेसीबी और निर्माण मशीनों पर जीएसटी कितनी है?
18%। डीलर जब “प्लस जीएसटी” कहकर रेट बताता है, तो वह मशीन की कीमत पर 18% जोड़ने की बात कर रहा है। यह दर मशीन के काम से तय नहीं होती, उसके HSN कोड से होती है। HSN वह नंबर है जो बिल पर बताता है कि बेची गई चीज़ आखिर क्या है। खुद चलने वाली लगभग सारी निर्माण मशीनें 8429 हेडिंग में आती हैं, और साइट पर आम दिखने वाला JCB 3DX जैसा बैकहो लोडर भी इसी में गिना जाता है।
| मशीन |
HSN कोड |
जीएसटी दर |
| बैकहो लोडर (जेसीबी) |
8429 51 |
18% |
| एक्सकेवेटर (360° घूमने वाला) |
8429 52 |
18% |
| व्हील लोडर / पेलोडर |
8429 51 |
18% |
| मोटर ग्रेडर |
8429 20 |
18% |
| रोड रोलर / कंपैक्टर |
8429 40 |
18% |
| डोज़र |
8429 |
18% |
| मोबाइल क्रेन / हाइड्रा |
8426 |
18% |
| कंक्रीट मिक्सर |
8474 31 |
18% |
| खेती का ट्रैक्टर (फर्क देखने के लिए) |
8701 |
5% |
बिल पर HSN गलत छपा हो तो दर भी गलत लग सकती है। पैसा देने से पहले कोटेशन पर यह नंबर एक बार पढ़ लें। जेसीबी की कीमत और मॉडल या व्हील लोडर और पेलोडर की कीमत देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि 18% आपके बजट पर कितना बैठेगा।
क्या 2025 की नई जीएसटी में जेसीबी सस्ती हुई?
नहीं। 22 सितंबर 2025 से लागू हुई नई जीएसटी ने पुराने चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को समेटकर मुख्य रूप से 5% और 18% पर ले आया, और 40% का एक अलग बैंड सिर्फ तंबाकू और महंगी गाड़ियों जैसी चीज़ों के लिए रखा। एक्सकेवेटर, लोडर, ग्रेडर, रोलर, क्रेन और मिक्सर सब 18% पर ही रहे। इनपुट क्रेडिट भी पहले की तरह पूरा मिलता रहा।
तो “जेसीबी पर जीएसटी कितनी कम हुई” का सीधा जवाब यह है: 2025 में नहीं, 2017 में। 15 नवंबर 2017 से पहले यह मशीनरी 28% के सबसे ऊपरी स्लैब में थी। उसके बाद से 18% पर टिकी है। अगर कोई आज भी आपको 28% बताए, तो वह आठ साल पुराना नंबर पढ़ रहा है।
ट्रैक्टर पर 5% और जेसीबी पर 18% — फर्क क्यों?
क्योंकि कानून की नज़र में दोनों अलग मशीन हैं। खेती का ट्रैक्टर 8701 में आता है और उस पर सितंबर 2025 से 5% जीएसटी है, जो पहले 12% थी। ट्रैक्टर के पुर्ज़े और टायर भी 5% पर आ गए। बैकहो लोडर, वही जिसे गाँव में जेसीबी कहा जाता है, ट्रैक्टर जैसा दिखता है और मिनी जेसीबी तो और भी ज़्यादा, लेकिन कागज़ पर वह निर्माण मशीन है, इसलिए 18% पर है।
एक बात ट्रैक्टर की तरफ भी ध्यान रखने वाली है। 1800cc से ऊपर के इंजन वाला रोड ट्रैक्टर, जो ट्रेलर खींचने के लिए होता है, 5% पर नहीं, 18% पर आता है। 5% सिर्फ सच में खेती के काम आने वाले ट्रैक्टर के लिए है, इसलिए खुदाई, लोडिंग या साइट के काम का बजट 18% पर ही बनाएँ।
इनपुट टैक्स क्रेडिट: यह 18% वापस कैसे मिलता है?
अगर आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन है और मशीन आपके कारोबार में लगी है, तो मशीन पर चुकाया गया 18% इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) बन जाता है। मतलब, अपने ग्राहकों से वसूले गए जीएसटी में से आप उसे घटा सकते हैं।
हिसाब समझने के लिए एक मान लिया गया उदाहरण, जो किसी मशीन की कीमत नहीं है: मान लीजिए मशीन ₹20,00,000 की है। उस पर 18% जीएसटी ₹3,60,000 बनेगा। रजिस्टर्ड कारोबार के लिए यह ₹3,60,000 खर्च नहीं, क्रेडिट है। लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन, सिर्फ अपने नाम पर मशीन लेने वाले पहली बार के खरीदार के लिए यही ₹3,60,000 सीधे लागत में जुड़ जाता है। एक ही मशीन दो खरीदारों को अलग-अलग कीमत पर बैठती है, और वजह यही है।
मशीन का खर्च सिर्फ जीएसटी नहीं होता। जेसीबी का माइलेज और डीजल का रोज़ का खर्च भी उसी बजट का हिस्सा है।
मशीन किराए पर देने या लेने पर जीएसटी
मशीन किराए पर देना एक सेवा है, और किराए की रकम पर 18% जीएसटी लगती है। सेवाओं का कोड HSN नहीं, SAC होता है, और मशीन किराए के लिए यह 997313 है। HSN 8429 सिर्फ तब लगता है जब मशीन खुद खरीदी या बेची जाए।
ड्राई हायर (बिना ऑपरेटर, डीजल किराएदार का) हो या वेट हायर (ऑपरेटर और डीजल आपके), दर 18% ही रहती है। पुरानी मशीन बेचने पर भी 18% लगती है। क्रेन और रोड रोलर जैसी मशीनें, जो अक्सर किराए पर चलती हैं, इसी नियम में आती हैं।
बिल पर सीजीएसटी, एसजीएसटी और आईजीएसटी कैसे दिखेगा
अपने ही राज्य से मशीन खरीदें तो 18% बिल पर दो हिस्सों में छपेगा: 9% सीजीएसटी (CGST) और 9% एसजीएसटी (SGST)। दूसरे राज्य से मशीन आए तो एक ही लाइन में 18% आईजीएसटी (IGST) दिखेगा। कुल दर तीनों हाल में 18% ही रहती है। बँटवारा सिर्फ यह तय करता है कि पैसा केंद्र और राज्य में कैसे बँटेगा, और रजिस्टर्ड खरीदार को क्रेडिट तीनों में मिलता है।
दर पर आखिरी भरोसा सरकारी सूची का ही करें। जीएसटी दरों की सरकारी सूची और जीएसटी पोर्टल पर मौजूदा दर और कोड देखे जा सकते हैं।
आम सवाल
जेसीबी पर जीएसटी 18% है या 28%?
18%। 28% की बात 15 नवंबर 2017 से पहले की है, जब यह मशीनरी ऊपरी स्लैब में थी।
जेसीबी का HSN कोड क्या है?
बैकहो लोडर 8429 51 में आता है। 360° घूमने वाला एक्सकेवेटर 8429 52 में, और मोटर ग्रेडर 8429 20 में।
क्या मशीन पर चुकाई जीएसटी वापस मिल सकती है?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन हो और मशीन कारोबार में लगी हो तो हाँ, इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में। रजिस्ट्रेशन न हो तो नहीं, और वह रकम लागत में जुड़ जाती है।
जेसीबी किराए पर देने पर कितनी जीएसटी लगेगी?
18%, SAC 997313 के तहत। किराए पर देना सेवा मानी जाती है, इसलिए HSN की जगह SAC लगता है।
नई जीएसटी से मशीन की कीमत घटी क्या?
निर्माण मशीनों की दर नहीं बदली, इसलिए जीएसटी की वजह से कीमत नहीं घटी। दर घटी है खेती के ट्रैक्टर पर।
इस पेज पर दी गई जीएसटी दरें और HSN कोड लिखने के समय लागू नियमों के हिसाब से हैं और सांकेतिक जानकारी के लिए हैं; दरें, कोड और नियम सरकार बदलती रहती है, और अपने बिल या खरीद पर लगने वाली सही दर अपने कर सलाहकार या अधिकृत डीलर से पक्की कर लेनी चाहिए। मशीनों की कीमत और स्पेसिफिकेशन भी सांकेतिक हैं, वेरिएंट, जगह और तारीख के साथ बदलते हैं। प्रकाशन के बाद बदल जाने वाली जानकारी के आधार पर लिए गए फैसलों के लिए DesiMachines ज़िम्मेदार नहीं है।
पूरी जानकारी, HSN कोड की लिस्ट और इनपुट क्रेडिट के नियम अंग्रेज़ी पेज पर देखें: GST on Construction Equipment।