पोकलेन असल में फ्रांस की एक कंपनी का नाम था। भारत में अब यह शब्द चेन पर चलने वाले हर हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर के लिए बोला जाता है, कंपनी चाहे कोई भी हो। इस पेज के सारे वजन अक्टूबर 2026 की लिस्टेड स्पेसिफिकेशन से लिए गए हैं।
पोकलेन मशीन का वजन कितना होता है?
यह मशीन की क्लास पर निर्भर है, और क्लास खुद वजन से तय होती है। यहाँ वजन का मतलब ऑपरेटिंग वेट है, यानी काम के लिए तैयार मशीन का पूरा वजन। अक्टूबर 2026 में जिन 285 एक्सकेवेटर का वजन साफ लिखा है, वे छह क्लास में बँटते हैं:
| क्लास |
वजन |
कितने मॉडल |
आम मॉडल और उनका वजन |
| मिनी |
6 टन तक |
48 |
Tata Hitachi NX30 2,900 kg, Tata Hitachi NX 50 5,190 kg |
| छोटी (7 से 8 टन वाली) |
6 से 10 टन |
15 |
Tata Hitachi NX 80 7,500 kg, JCB 81 8,050 kg |
| मझोली (12 से 14 टन वाली) |
10 से 16 टन |
32 |
Hyundai R140L Smart Plus 14,000 kg, JCB NXT 145 Quarry Master 14,500 kg |
| 20 टन वाली |
16 से 25 टन |
82 |
Tata Hitachi EX 210 Infra Super+ 20,300 kg, Hyundai R210 SMART Plus 21,200 kg |
| बड़ी |
25 से 50 टन |
51 |
Hyundai R340L SMART 33,800 kg, Tata Hitachi ZAXIS 370LCH Ultra 35,700 kg |
| माइनिंग |
50 टन से ऊपर |
57 |
Tata Hitachi ZAXIS 650H 58,340 kg, Tata Hitachi EX 1200V 1,09,000 kg |
सबसे ज़्यादा मॉडल 20 टन वाली क्लास में हैं। एक बात और दिखती है। लिस्ट में JCB NXT 150 (14,700 kg) के बाद अगली मशीन सीधे CAT 321 है, जो 19,300 kg की है। 15 से 19 टन के बीच एक भी मॉडल नहीं। इसलिए खरीदार के सामने असल में दो ही रास्ते होते हैं: 14 टन वाली मशीन या 20 टन वाली।
20 टन की पोकलेन का वजन कितना होता है?
20,000 से 22,000 kg के बीच। 16 से 25 टन वाली क्लास के 82 मॉडल में से 44 इसी दो टन के दायरे में आते हैं। नाम में लिखा “20 टन” गोल किया हुआ नंबर है, इसलिए ऐसी मशीन अक्सर 21 टन से भी ज़्यादा की निकलती है। डीलर 21.2 टन बताए, तो वह गलत नहीं बोल रहा।
ज़्यादातर कंपनियाँ मॉडल नंबर में ही टन छिपा देती हैं। नंबर को 10 से भाग दें तो मोटा अंदाज़ा मिल जाता है: JCB 81 करीब 8 टन की है, R340L करीब 34 टन की। पक्का नंबर फिर भी स्पेसिफिकेशन शीट से ही लें।
मिनी पोकलेन कितने टन की होती है?
1.8 से 6 टन की। सबसे हल्की लिस्टेड मशीनें XCMG XE20U और Kubota U17-3 हैं, दोनों 1,800 kg की। मिनी क्लास के 48 मॉडल में से 30 मॉडल 2.5 से 4 टन के बीच हैं।
हल्की मशीन तंग जगह में घुस जाती है। Tata Hitachi NX30 पूरी 1,500 mm चौड़ी है और उसकी चेन की प्लेट सिर्फ 280 mm की। गली, घर के पीछे की नाली या खेत की पाइपलाइन जैसे काम इसी क्लास के हैं। इतनी हल्की मशीन को ले जाने के लिए आम ट्रक काफी होता है, बड़े ट्रेलर की ज़रूरत नहीं पड़ती।
सबसे भारी पोकलेन कितने टन की होती है?
लिस्ट में सबसे भारी Liebherr R 9800 G6 है, 8,00,000 kg यानी 800 टन की। Tata Hitachi EX 5600-7 का वजन 5,44,000 से 5,49,000 kg है, और उसकी चेन की एक प्लेट 1,400 mm चौड़ी है। 20 से 22 टन वाली 44 मशीनों में से 40 में यही प्लेट 600 mm की है।
ये मशीनें कोयले और लोहे की बड़ी खदानों के लिए हैं। 50 टन से ऊपर की मशीन आम तौर पर पूरी एक साथ नहीं जाती। बूम, काउंटरवेट और कभी-कभी चेन भी अलग करके टुकड़ों में भेजी जाती है, और साइट पर फिर से जोड़ी जाती है।
ऑपरेटिंग वेट में क्या-क्या गिना जाता है?
कंपनी जो वजन लिखती है, वह खाली लोहे का नहीं है। मिट्टी हटाने वाली मशीनों का वजन नापने का तरीका ISO 6016 नाम का अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड तय करता है। उसके हिसाब से ऑपरेटिंग वेट में भरा हुआ डीजल टैंक, इंजन और हाइड्रोलिक के सारे तेल, कंपनी की बताई स्टैंडर्ड बकेट और 75 kg का ऑपरेटर शामिल होता है।
साइट पर असली वजन इससे ऊपर जा सकता है। ब्रेकर, बड़ी बकेट या क्विक कपलर लगाने पर उसका वजन अलग से जुड़ता है। कुछ मॉडल का वजन एक दायरे में लिखा होता है, जैसे Tata Hitachi EX 130 Prime का 12,172 से 12,518 kg। यह फर्क चेन की प्लेट की चौड़ाई और बूम के प्रकार से आता है, इसलिए डीलर से पूछें कि बताया गया वजन किस सेटिंग का है।
भारी पोकलेन ज़मीन और ढुलाई पर क्या असर डालती है?
भारी मशीन अपने नीचे की ज़मीन को ज़्यादा दबाती है। यह दबाव चेन की प्लेटों पर बँटता है, इसलिए चौड़ी प्लेट वाली मशीन कम धँसती है। गीले खेत, नई भराई या दलदली ज़मीन पर हल्की मशीन लें, या भारी मशीन में चौड़ी प्लेट लगवाएँ। 20 टन वाली क्लास में भी फर्क है: Tata Hitachi EX 200LC Prime 500 mm की प्लेट के साथ लिस्टेड है, जबकि EX 210 Infra Super+ और R210 SMART Plus 600 mm की प्लेट के साथ।
पोकलेन टायर पर नहीं, चेन पर चलती है, इसलिए दूर की साइट तक उसे ट्रेलर पर ही ले जाया जाता है। 20 टन की मशीन के लिए लो-बेड ट्रेलर चाहिए। बुक करने से पहले तीन चीज़ें मिला लें:
- मशीन का ऑपरेटिंग वेट और हर अटैचमेंट का वजन जोड़कर कुल वजन निकालें, और देखें कि ट्रेलर के RC में लिखी लदान क्षमता उससे ज़्यादा हो।
- चौड़ाई देखें। ऊपर की टेबल वाली 20 टन की मशीनें 2,550 से 2,990 mm चौड़ी हैं, और ट्रेलर की चौड़ाई से बाहर निकलने वाला माल सड़क पर अलग नियमों में आता है।
- रास्ते के पुल और पुलियों पर लगी वजन की सीमा पहले से पूछ लें।
वजन के साथ डीजल का खर्च भी बढ़ता है। किस क्लास की मशीन एक घंटे में कितना डीजल लेती है, यह पोकलेन की डीजल खपत वाले पेज पर है। ट्रेलर पर चढ़ाने और उतारने का काम अनुभवी ऑपरेटर ही करे; कंट्रोल की पूरी जानकारी पोकलेन मशीन कैसे चलाते हैं वाले पेज पर मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
20 टन की पोकलेन का वजन कितना होता है?
20,000 से 22,000 kg, यानी 200 से 220 क्विंटल। जैसे Hyundai R210 SMART Plus 21,200 kg की है और JCB NXT 215LC 21,500 kg की। इस क्लास में आधे से ज़्यादा मॉडल इसी दायरे में हैं।
पोकलेन का वजन क्विंटल में कितना होता है?
किलो वाले वजन को 100 से भाग दें। 20 टन वाली पोकलेन 200 से 220 क्विंटल की होती है और मिनी पोकलेन 18 से 60 क्विंटल की।
Tata Hitachi EX 210 का वजन कितना है?
EX 210 Infra Super+ का ऑपरेटिंग वेट 20,300 kg है, यानी करीब 20.3 टन या 203 क्विंटल। इसमें भरा डीजल टैंक, तेल, स्टैंडर्ड बकेट और ऑपरेटर शामिल हैं।
क्या ब्रेकर लगाने से पोकलेन का वजन बढ़ता है?
हाँ। लिखा हुआ वजन स्टैंडर्ड बकेट के साथ का है। ब्रेकर या कोई दूसरा अटैचमेंट लगाएँ, तो उसका वजन अलग से जोड़ें, खासकर ट्रेलर बुक करने से पहले।
पोकलेन भारी होती है या जेसीबी?
20 टन वाली पोकलेन जेसीबी से करीब तीन गुना भारी है। JCB 3DX बैकहो लोडर 7,200 kg का है। हर जेसीबी मॉडल का वजन जेसीबी का वजन वाले पेज पर है।
आगे क्या देखें
हर क्लास की मशीनों के वजन की अंग्रेज़ी तुलना excavator weight वाले पेज पर है। पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और कीमत अंग्रेज़ी पेज पर देखें। वजन वर्ग के हिसाब से कीमत हिंदी में पोकलेन मशीन की कीमत वाले पेज पर मिलेगी।
यहाँ दिए गए वजन और स्पेसिफिकेशन सांकेतिक हैं। ये वेरिएंट, जगह और तारीख के हिसाब से बदल सकते हैं, इसलिए खरीदने या ढुलाई बुक करने से पहले कंपनी या अधिकृत डीलर से एक बार पक्का कर लें। प्रकाशन के बाद बदली जानकारी के आधार पर लिए गए फैसलों के लिए DesiMachines ज़िम्मेदार नहीं है।