पोकलेन मशीन क्या है
पोकलेन असल में एक फ्रेंच कंपनी का नाम था, लेकिन भारत में यह शब्द हर हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर के लिए चलता है — कंपनी चाहे Tata Hitachi हो, JCB हो या Hyundai। मशीन पटरी (क्रॉलर) पर चलती है और बूम, आर्म तथा बकेट से खुदाई करती है।
मिट्टी हटाना, नींव खोदना, तालाब और नहर का काम, सड़क निर्माण और माइनिंग — सबसे ज़्यादा इस्तेमाल इन्हीं कामों में होता है।
वज़न वर्ग के हिसाब से कीमत
| वर्ग |
किस काम के लिए |
सांकेतिक कीमत (अगस्त 2026) |
| मिनी (2–6 टन) |
गली-मोहल्ले का काम, पाइपलाइन, खेत |
₹20–35 लाख |
| छोटी (7–15 टन) |
छोटे ठेके, तालाब, प्लॉट लेवलिंग |
₹35–55 लाख |
| 20–22 टन |
आम कंस्ट्रक्शन और किराया — सबसे बड़ा वर्ग |
₹57–70 लाख |
| 25–50 टन |
बड़े प्रोजेक्ट, क्वारी |
₹80 लाख – ₹2 करोड़ |
| 50 टन से ऊपर |
माइनिंग |
₹2–4.5 करोड़ |
सबसे ज़्यादा खोजे जाने वाले मॉडल
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“ऑन-रोड कीमत” पोकलेन पर लागू नहीं होती
पटरी वाली मशीन का RTO रजिस्ट्रेशन नहीं होता, इसलिए इसकी कोई ऑन-रोड कीमत नहीं होती। आप जो असल में चुकाते हैं वह है लैंडेड कॉस्ट — मशीन की कीमत, GST, ट्रेलर से साइट तक ढुलाई और पहले साल का इंश्योरेंस। बजट बनाते समय ढुलाई को अलग से जोड़िए, क्योंकि दूरी के हिसाब से यह रकम काफ़ी बदलती है।
खरीदने से पहले क्या देखें
अंडरकैरिज सबसे बड़ा खर्च है। पटरी, रोलर, आइडलर और स्प्रॉकेट घिस जाएँ तो 20 टन वर्ग की मशीन पर इन्हें बदलवाने में सांकेतिक तौर पर ₹3–5 लाख लग जाते हैं (अगस्त 2026)। सस्ती दिखने वाली पुरानी मशीन इसी वजह से महँगी पड़ती है।
दूसरी बात — डीज़ल खर्च प्रति घंटा पूछिए, न कि सिर्फ़ इंजन की पावर। और यह भी पूछिए कि मशीन पर ब्रेकर चला है या नहीं; हथौड़े का काम बूम और पिन को सामान्य खुदाई से ज़्यादा घिसाता है।
आम सवाल
पोकलेन मशीन की कीमत कितनी है?
भारत में पोकलेन मशीन की कीमत ₹20 लाख से ₹4.5 करोड़ तक जाती है। सबसे आम 20–22 टन की मशीन ₹57 लाख से ₹70 लाख के बीच आती है। कीमत वेरिएंट, राज्य और उस समय की स्कीम पर बदलती है।
पोकलेन और JCB में क्या अंतर है?
पोकलेन पटरी पर चलने वाला एक्सकेवेटर है, जिसका काम मुख्य रूप से खुदाई है। JCB नाम से जो मशीन लोग समझते हैं वह बैकहो लोडर है — टायर पर चलती है, आगे लोडर बकेट और पीछे खुदाई का आर्म होता है। बैकहो सड़क पर खुद चल सकता है, एक्सकेवेटर को ट्रेलर पर ढोना पड़ता है।
एक घंटे में कितना डीज़ल लगता है?
20 टन वर्ग की मशीन में आमतौर पर 12 से 18 लीटर प्रति घंटा लगता है, यह काम की भारी-हल्की प्रकृति पर निर्भर करता है। सही आँकड़ा उसी मॉडल और आपके काम के हिसाब से हमारी टीम से पक्का कर लें।
मिनी एक्सकेवेटर किसके लिए सही है?
तंग गलियों, पाइपलाइन, खेत और छोटे प्लॉट के काम के लिए। यह कम डीज़ल खाती है और छोटे ट्रक पर भी ढोई जा सकती है।
कीमतें सांकेतिक हैं और वेरिएंट, राज्य, टैक्स और तारीख के साथ बदलती हैं। खरीदने से पहले अंतिम कोटेशन हमारी टीम से पक्का कर लें। आखिरी अपडेट: अगस्त 2026.