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रोड रोलर कैसे चलाते हैं: कंट्रोल, वाइब्रेशन चालू-बंद, रोलिंग का सही तरीका और रोज़ की जाँच

रोड रोलर चलाने में स्टीयरिंग सबसे आसान हिस्सा है; असली काम तीन बातों का है: पूरे दिन एक जैसी धीमी रफ़्तार, परत के हिसाब से सही वाइब्रेशन, और हर नई पट्टी में पिछली पट्टी का कम से कम एक-तिहाई हिस्सा दोबारा दबाना। हमारी लिस्ट के 45 में से 43 रोलर हाइड्रोस्टैटिक हैं: इनमें क्लच नहीं होता और एक ही लीवर से मशीन आगे-पीछे चलती है। रोलिंग किनारे से शुरू होकर बीच की ओर जाती है, और सड़क की सरकारी शर्तों में रोलर की रफ़्तार 5 km/h से ऊपर नहीं जानी चाहिए।

पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और तुलना अंग्रेज़ी में: View the full range in English

रोड रोलर में कौन-कौन से कंट्रोल होते हैं

सीट पर बैठते ही पाँच चीज़ें हाथ में आती हैं:

  • आगे-पीछे का लीवर: यही दिशा तय करता है और यही रफ़्तार। लीवर जितना आगे, मशीन उतनी तेज़। लीवर बीच में लाते ही मशीन रुक जाती है।
  • थ्रॉटल: इंजन की रफ़्तार। वाइब्रेशन के साथ काम करते समय इंजन को मैनुअल में लिखी पूरी रफ़्तार पर रखते हैं, ताकि ड्रम पूरी ताकत से हिले।
  • वाइब्रेशन का स्विच: वाइब्रेशन चालू-बंद करता है। ज़्यादातर मशीनों में साथ में हाई और लो का चुनाव भी होता है।
  • पानी के स्प्रे का स्विच: दो ड्रम वाले टैंडम रोलर में, ताकि डामर ड्रम पर न चिपके।
  • पार्किंग ब्रेक: मशीन छोड़ने से पहले हर बार लगाइए।

यह लीवर वाली चाल हाइड्रोस्टैटिक ड्राइव की वजह से है। इसमें इंजन एक पंप चलाता है और तेल का दबाव ड्रम और पहियों को घुमाता है, बीच में आम गाड़ी जैसा गियरबॉक्स नहीं होता। इसीलिए कैटलॉग में इन मशीनों का सर्विस ब्रेक भी “हाइड्रोस्टैटिक” लिखा है: लीवर बीच में आया, तो तेल रुका और मशीन रुकी। VM117 और VMT330 जैसे रोलर स्टीयरिंग घुमाने पर बीच के जोड़ से दो हिस्सों में मुड़ते हैं, इसलिए मोड़ते समय उस जोड़ के पास किसी को खड़ा न रहने दें।

तीनों हाइड्रोस्टैटिक हैं, फिर भी इनकी रफ़्तार और वाइब्रेशन अलग हैं:

तीन रोलर, तीन काम (कैटलॉग के आँकड़े)
चीज़ JCB VM117 ACE ADD-95 JCB VMT330
किस तरह का रोलर एक ड्रम, पीछे टायर (मिट्टी का रोलर) दो ड्रम वाला टैंडम दो ड्रम वाला छोटा टैंडम (बेबी रोलर)
काम करते समय वज़न 11,525 kg 9,100 kg 3,300 kg
काम की रफ़्तार 5 km/h 6 km/h तक 5 km/h तक
सिर्फ़ चलने की रफ़्तार 10 km/h 8 km/h तक 5 km/h तक
वाइब्रेशन हाई 1.8 mm, लो 0.8 mm दो स्टेज, 1.3 mm और 0.7 mm दो स्टेज, सिर्फ़ आगे का ड्रम हिलता है
पानी का टैंक कैटलॉग में नहीं 350 L, डैशबोर्ड से अंतराल का स्विच 210 L, हर ड्रम का अपना पंप

एम्प्लीट्यूड का मतलब है हर झटके में ड्रम ज़मीन से कितना उठता है। ज़्यादा एम्प्लीट्यूड यानी भारी चोट, जो गहराई तक जाती है। JCB VM117 मिट्टी और गिट्टी की मोटी परत के लिए है, ACE ADD-95 डामर की सड़क के लिए, और JCB VMT330 गली, फुटपाथ और पैच के काम के लिए।

रोलिंग का सही तरीका क्या है

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की सड़क और पुल के काम की शर्तें, पाँचवाँ संस्करण, गिट्टी की परत (धारा 406.3.5) और डामर (धारा 501.6) दोनों के लिए एक ही तरीका बताती हैं:

  1. किनारे से शुरू कीजिए। बीच से ऊँची सड़क पर पहले दोनों किनारे, फिर धीरे-धीरे बीच की ओर। एक तरफ़ ढलान वाली सड़क या मोड़ पर नीचे वाले किनारे से ऊपर वाले किनारे की ओर, ताकि माल नीचे की तरफ़ न खिसके।
  2. सड़क की लंबाई के साथ चलाइए, बीच की रेखा के बराबर, आड़ा नहीं।
  3. हर पट्टी पिछली पट्टी के कम से कम एक-तिहाई हिस्से पर चढ़े। दो पट्टियों के बीच कच्ची लकीर रह गई, तो सड़क सबसे पहले वहीं से टूटती है।
  4. रफ़्तार 5 km/h से ज़्यादा नहीं। यह आदमी की तेज़ चाल जितनी है। हर पास एक ही रफ़्तार पर रखिए, नहीं तो कहीं ज़्यादा दबेगा और कहीं कम।
  5. हर बार एक ही जगह मत रुकिए। गिट्टी की परत पर हर दूसरे चक्कर का रुकने और पलटने का बिंदु पिछले बिंदु से कम से कम 1 मीटर दूर रखिए। पलटते समय जो माल खिसके, उसे उसी समय ठीक कीजिए।

डामर पर दो बातें और हैं। चलने वाला ड्रम पेवर की तरफ़ रखिए, और जो सड़क अभी पूरी नहीं दबी, उस पर रोलर खड़ा मत कीजिए। खड़ा ड्रम गरम डामर में धँसकर गड्ढा छोड़ देता है। मंत्रालय की यही धारा मशीन से डीज़ल या तेल टपकने से भी मना करती है।

वाइब्रेशन कब चालू करें और कब बंद

वाइब्रेशन तभी चालू कीजिए जब मशीन चल रही हो, और रुकने से पहले बंद कर दीजिए। एक जगह खड़े होकर हिलता ड्रम ज़मीन में गड्ढा खोद देता है।

  • हाई: मिट्टी, मुरम और गिट्टी की मोटी परत।
  • लो: पतली परत और डामर। पतले डामर पर हाई लगाने से चोट नीचे की सख़्त परत से टकराकर लौटती है और गिट्टी टूट जाती है।
  • बंद: आख़िरी पास, जो सतह को चिकना करता है, आम तौर पर बिना वाइब्रेशन के होता है।

कुछ रोलर तय रफ़्तार से तेज़ चलाने पर वाइब्रेशन खुद बंद कर देते हैं। VMT330 में सिर्फ़ आगे का ड्रम हिलता है, यह मशीन की बनावट है, खराबी नहीं।

डामर पर पानी का स्प्रे कैसे चलाएँ

पानी इसलिए डाला जाता है कि गरम डामर ड्रम पर न चिपके। मंत्रालय की शर्त है: उतना ही पानी जितना चिपकना रोके, और दबती सड़क पर पानी जमा न हो। टैंक जाली वाले मुँह से साफ़ पानी से भरिए; तालाब या टैंकर की मिट्टी नोज़ल बंद करती है। काम से पहले स्प्रे चलाकर हर नोज़ल की धार देखिए, क्योंकि बंद नोज़ल ड्रम पर सूखी पट्टी छोड़ता है और वहीं डामर उखड़ता है। ADD-95 जैसे रोलर में डैशबोर्ड का स्विच पानी का अंतराल तय करता है: कम से शुरू कीजिए, ड्रम चिपके तभी बढ़ाइए।

रोड रोलर की रोज़ की जाँच

  • डीज़ल, इंजन ऑयल, कूलेंट और हाइड्रोलिक तेल का लेवल।
  • हाइड्रोलिक पाइप और जोड़ों में रिसाव। सड़क पर टपका तेल डामर खराब करता है।
  • ड्रम पर लगी स्क्रेपर पट्टी, जो ड्रम पर चिपका माल साफ़ करती है। घिसी हो तो बदलिए।
  • मिट्टी वाले रोलर के पिछले टायरों की हवा।
  • पानी का टैंक भरा है, फ़िल्टर साफ़ है।
  • हल्की ढलान पर पार्किंग ब्रेक परखिए, और देखिए कि लीवर बीच में आते ही मशीन रुकती है।

रोड रोलर चलाना कैसे सीखें

पहले खाली मैदान में आगे-पीछे चलाना, मोड़ना और लीवर धीरे छोड़ना। फिर बिना वाइब्रेशन के मिट्टी पर सीधी पट्टियाँ, एक-तिहाई ओवरलैप के साथ, जब तक हर पट्टी बराबर न आने लगे। उसके बाद वाइब्रेशन। गरम डामर सबसे आख़िर में, किसी अनुभवी ऑपरेटर के साथ: वहाँ अचानक ब्रेक या तेज़ मोड़ का निशान सड़क पर रह जाता है।

रोलर का वज़न किस काम के लिए कितना चाहिए, यह रोड रोलर का वजन वाले पेज पर है। बैकहो लोडर के लीवर और गियर जेसीबी कैसे चलाते हैं में समझाए गए हैं। कीमत के लिए रोड रोलर की कीमत और मॉडल देखिए। एम्प्लीट्यूड, फ़्रीक्वेंसी और पास की गिनती अंग्रेज़ी में: vibratory roller। पूरी मॉडल लिस्ट, स्पेसिफिकेशन और कीमत अंग्रेज़ी पेज पर देखें: रोड रोलर और कॉम्पैक्टर के सभी मॉडल।

आम सवाल

रोड रोलर कितनी स्पीड से चलाना चाहिए?

काम करते समय 5 km/h से ज़्यादा नहीं; सड़क के सरकारी काम में यही शर्त है। कैटलॉग में JCB VM117 की काम की रफ़्तार भी 5 km/h लिखी है, जबकि खाली चलने की 10 km/h।

रोलर में वाइब्रेशन कब चालू करते हैं?

मशीन चलने लगे तब, और रुकने से पहले बंद। मोटी मिट्टी-गिट्टी पर हाई, पतली परत और डामर पर लो, और आख़िरी पास बिना वाइब्रेशन के।

एक जगह पर रोलर कितनी बार चलाना पड़ता है?

गिट्टी की 250 से 300 mm की परत आम तौर पर चार से आठ पास में दबती है, पर सही गिनती साइट पर घनत्व की जाँच से तय होती है। बड़े ठेकों में पहले एक ट्रायल पट्टी दबाकर पास की गिनती तय की जाती है।

यह जानकारी सांकेतिक है और मॉडल, वेरिएंट, जगह तथा तारीख के साथ बदल सकती है। खरीदने या मशीन चलाने से पहले अपने डीलर या OEM से पक्का कर लें। बाद में बदली हुई जानकारी के आधार पर लिए गए फ़ैसलों के लिए DesiMachines ज़िम्मेदार नहीं है।

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